Categories Health

स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर)के प्रकार,लक्षण -Breast Cancer in Hindi

Spread the love

हमारे शरीरमे बहुत सरे जिन्स पाए जाते है जो हमारे कोशिकाओं के विकास की नियन्त्रक करता है।जब एन कोशिकाओं को नियन्त्रक करने वाले जिन्स में परिवर्तन(म्युटेशन) होता है तो हमारी कोशिकाए अनियन्त्रक रूप से विभाजित होती है जिससे स्वस्थ कोशिकाओं बजाय असामान्य कोशिकाएं विकसित होती जाती हैं जो बाद में कैंसर का रूप ले लेता है।

स्तन कैंसर में स्तन कोशिकाओं अनियंत्रित का विकास होता है जो बाद में स्तन कैंसर बन जाता है,

स्तन कैंसर उन ग्रन्थियों में बनता है जिसमे दूध बनता है, इन ग्रन्थियों को हम लोब्यूल्स (Lobules) या डक्ट्स (Ducts) कहते है । कैंसर वसामय और रेशेदार स्तन ऊतकों में भी बन सकता है। इसे स्ट्रोमल ऊतक   भी कहा जाता है।

ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के प्रकार – Types of Breast Cancer in Hindi:

स्तन कैंसर कई प्रकार के होते है।आपको ब्रैस्ट कैंसर का इलाज़ करने से ये जानना बहुत जरूरी है की आपको किस प्रकार का हुआ है।.स्तन कैंसर के निम्न प्रकार है:

  • इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा: ये कैंसर दूध की नालिकायो में विकसित होता है और धीरे धीरे आस पास के स्तन ऊतको पर आक्रमण करता है।
  • इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा: पेजेट्स डिज़ीज़:इस प्रकार के स्तन कैंसर में निप्पल के पास रक्त जमा होने लगता है जिससे निप्पल और उसके आसपास चारोओर का हिस्सा काला होने लगाता है।
  • लोब्यूलर कार्सिनोमा इन सीटू
  • डक्टल कार्सिनोमा इन सीटू
  • निप्पल का पेजेट रोग
  • फिलोड्स ट्यूमर
  • वाहिकासार्कोमा

स्तन कैंसर(ब्रेस्ट कैंसर) के लक्षण:

  • ऊतकों में मोटापन महसूस होना
  • निप्पल से दूध के अलावा किसी और द्रव निकलना
  • स्तन में सूजन होना
  • निप्पल से खून आना
  • निप्पल्स या स्तन की त्वचा का छीलना
  • बांह में सूजन या गाँठ बनना

इनमे से कोई लक्षण पाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आपको स्तन कैंसर ही है। कोई भी लक्षण पाए जाने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

 

#ब्रेस्ट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, ब्रेस्ट कैंसर के कारण, ब्रेस्ट कैंसर का उपचार, ब्रेस्ट कैंसर का इलाज, ब्रेस्ट कैंसर में परहेज, ब्रेस्ट कैंसर की दवा, ब्रेस्ट कैंसर का निदान, ब्रेस्ट कैंसर में क्या खाना चाहिए, ब्रेस्ट कैंसर की जटिलताएं, breast cancer In hindi, स्तन कैंसर, स्तन कैंसर के लक्षण, स्तन कैंसर के कारण, स्तन कैंसर का उपचार, स्तन कैंसर का इलाज, स्तन कैंसर में परहेज, स्तन कैंसर की दवा, स्तन कैंसर का निदान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *